शनिवार, 12 जुलाई 2014

विकास के लिए आवश्यक है, सफलता की भूख थमने न पाये-

विकास के लिए आवश्यक है, सफलता की भूख थमने न पाये-

विकास के पथिक के लिए यह आवश्यक है कि वह सफलता की सीढ़ियाँ निरंतर चढ़ता ही जाये। किसी भी सीढ़ी का महत्व कमतर नहीं होता। प्रत्येक उपलब्धि हमें अभिप्रेरणा प्रदान करती है और दूसरी सीढ़ी की ओर संकेत करते हुए हमें आगे बढ़ने को प्रेरित करती है। ध्यातव्य है कि कोई भी सीढ़ी विश्राम स्थल नहीं है, वह तो आगे बढ़ने का आधार है। हमनें जितनी भी सीढ़ियों को रोंदा है वे हमें रोक नहीं पाईं, जो सीढ़ियाँ दिखाई दे रही हैं; वे भी रोंदे जाने के लिए ही है। कोई भी सीढ़ी हमारा ध्येय नहीं है, उद्देश्य नहीं है; हाँ तात्कालिक लक्ष्य हो सकती है।
हमें कितनी भी उपलब्ध्यिाँ प्राप्त हों? हमारे कितने भी प्रयास सफल हों; किंतु हमें सदैव ध्यान रखना चाहिए कि यह प्रयासों की सफलता है, जीवन की नहीं। जीवन की सफलता तो निंरतर प्रयास करते रहने में ही है। अतः प्रत्येक सफलता पर जाकरूक रहें कि हमारी सफलता की भूख कहीं मंद न पड़ जाय। भूख किसी भी प्रकार थम न जाय, अन्यथा विकास की प्रक्रिया ही रूक जायेगी। आपकी छोटी-छोटी सफलताएँ; आपके जीवन को सफलता की ओर ले जायेंगी। अतः प्रत्येक सफलता से अभिप्रेरणा ग्रहण कर सफलता की भूख को ओर भी तीव्रतर करते जाइये।




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