सोमवार, 17 नवंबर 2014

सफलता का विलोम अनुभव होता है, असफलता नहीं


सामान्यतः हम सफलता शब्द का प्रयोग बहुतायत में करते हैं। दिन-प्रतिदिन की चर्चाओं में इस शब्द का प्रयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है। व्यक्ति इस शब्द से सबसे अधिक प्रेम करता है। वह चाहता है कि वह एक सफल व्यक्ति के रूप में स्थापित हो, किन्तु सफलता के अर्थ को लेकर एकरूपता नहीं पाई जाती। सभी के लिए सफलता का अर्थ भिन्न-भिन्न होता है। जनसामान्य अपने स्तर व समझ के अनुरूप सफलता को परिभाषित करता है।
वास्तविक रूप से सफलता का कोई एक पैमाना निर्धारित भी नहीं किया जा सकता, क्योंकि व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा किए गये प्रयासों की गंभीरता व दृढ़ता ही उन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्राप्त होने वाले फल का निर्धारण करती है।
यदि किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को अपेक्षित मात्रा में परिणाम प्राप्त नहीं होते, तो यह कहा जाने लगता है कि वे असफल हो गये किन्तु यहाँ ध्यान रखने की बात है कि सफलता का विलोम असफलता नहीं होता। सफलता या असफलता तो व्यक्ति के मानसिक स्तर पर अनुभूति मात्र है, वास्तविक रूप में कोई भी प्रयास कभी भी असफल नहीं होता।
प्रकृति का नियम ही यह है कि प्रत्येक क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। अब यह क्रिया की गंभीरता व दृढ़ता पर ही प्रतिक्रिया की मात्रा या प्रभावशीलता निर्भर करेगी। यह प्रतिक्रिया उपलब्धियों के रूप में हो सकती है या फिर अपेक्षित स्तर की उपलब्धि न मिल पाने के कारण हमें यह अनुभव प्रदान कर सकती है कि अपेक्षित स्तर की उपलब्धियों के लिए कितने प्रयासों की आवश्यकता है? हमारे प्रयासों में कहाँ कमी रह गयी? हमारी योजनाओं में कहाँ सुधार की आवश्यकता है? हमें और किन-किन संसाधनों को जुटाने की आवश्यकता है? हमारे संगठन में कौन सा पेच ढीला रह गया? किस कार्यकर्ता ने अपना प्रयास ईमानदारी, गंभीरता व प्रतिबद्धता के साथ पूरा नहीं किया? किसको कितनी अभिप्रेरणाओं की आवश्यकता और है? इतने सारे प्रश्नों के उत्तर किए गये प्रयासों के परिणामस्वरूप ही तो प्राप्त होते हैं और हम प्राप्त अनुभव को असफलता के नाम से निरूपित करते हैं। यह प्राप्त अनुभवों का अपमान करना है। हमारे द्वारा किए गये अपने ही प्रयासों का अपमान करना है। 
      सदैव याद रखें- सफलता का विलोम असफलता नहीं है, अनुभव है। यदि हमें अपेक्षित स्तर की उपलब्धि प्राप्त न होने के कारण सफलता की अनुभूति नहीं होती तो उससे प्राप्त अनुभवों को महत्व देकर आप पुनः किए जाने वाले प्रयासों की सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं।

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