बुधवार, 24 सितंबर 2014

8. अभिप्रेरण:

 अभिप्रेरण मानव की वह आन्तरिक शक्ति है जो उसे कार्य करने को उत्प्रेरित करती है। अभिप्रेरण ही पहल क्षमता की जन्मदाता है। अभिप्रेरण के अभाव में व्यक्ति कार्य नहीं कर सकता, यदि मजबूरी में कार्य करता है तो परिमाण व गुणवत्ता दोंनो ही दृष्टियों से कार्य श्रेष्ठतम तो निश्चित ही नहीं होगा। प्रबंधन का मूल कार्य दूसरों से कार्य सम्पन्न कराना माना जाता है। अभिप्रेरण मानवीय पहलू को स्पष्ट करता है कि दूसरों से कार्य डण्डे के बल पर नहीं उन्हें मानसिक रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करके करवाया जा सकता है। अभिप्रेरण वास्तव में प्रबंध का वह महत्वपूर्ण कार्य है जिसके अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु व्यक्तियों को स्वेच्छापूर्वक कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
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