शुक्रवार, 25 जून 2010

मानव संसाधन प्रबंध की विशेषताएं

मानव संसाधन प्रबंध की विशेषताएं :-


मानव संसाधन प्रबंध की परिभाषाओं के अध्ययन करने व उसके अर्थ को समझने के पश्चात बनी अवधारणा के अनुसार हम कह सकते हैं कि मानव संसाधन प्रबंध में निम्नलिखित विशेषताएं हैं :-

1. मानव संसाधन प्रबंध, प्रबंध की एक विशिष्ट शाखा है, जिसका संबन्ध उत्पादन के एक बहुमूल्य साधन मानव संसाधन से है। इसीलिए मानव संसाधन प्रबंध के अन्तर्गत मानव शक्ति का नियोजन, संगठन, निदेशन तथा नियन्त्रण जैसी क्रियाएं सम्मिलित की जा सकती हैं।


2. मानव संसाधन प्रबंध के अन्तर्गत, मानव सेवाओं को प्राप्त करना, कार्यरत व्यक्तियों की देखभाल(साज-संभाल) निरन्तरता के उद्देश्य से उनकी सेवाओं को बनाए रखना तथा कार्यरत व्यक्तियों का अधिकतम विकास करना, जैसे कार्य सम्मिलित किए जाते हैं।


3. मानव संसाधन प्रबंध, कार्यरत व्यक्तियों को कार्य संचालन में अधिकतम् योगदान के अवसर प्रदान करने से सम्बन्धित है।


4. सेविवर्गीय प्रबंध का उद्देश्य कार्यरत व्यक्तियों को अधिकतम् कार्य सन्तुष्टि प्रदान करना तथा उपक्रम के लिए सर्वाधिक एवं सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करना है।


5. मानव संसाधन प्रबंध कार्यरत कर्मचारियों का वैयक्तिक तथा सामूहिक, दोनों ही स्वरूपों में अध्ययन करता है।


6. मानव संसाधन प्रबंध उपक्रम तथा उपक्रम में कार्यरत व्यक्तियों के पारस्परिक संबन्धों का अध्ययन है।


7. मानव संसाधन प्रबंध कर्मचारियों को अपनी अन्त:शक्ति विकसित करने तथा अपनी क्षमताओं का अधिकतम् सदुपयोग करने में सहयोग करने से सम्बन्धित है।


8. मानव संसाधन प्रबंध केवल श्रम कर्मचारियों से ही सम्बन्धित नहीं है, अपितु किसी संगठन में कार्यरत सभी व्यक्तियों यथा उच्च अधिकारी, मध्यस्तरीय अधिकारी एवं निम्नस्तरीय अधिकारी सहित सभी कर्मचारियों से सम्बन्धित है।


9. मानव संसाधन प्रबंध निरन्तर प्रकृति का है। जार्ज आर टेरी के अनुसार, ``यह पानी की भांति नहीं है, जिसे एक टोंटी से चालू या बन्द किया जा सकता है। इसे एक दिन में एक घण्टा या एक सप्ताह में एक दिन के लिए लागू नहीं किया जा सकता। मानव संसाधन प्रबंध दिन-प्रति-दिन की क्रियाओं में मानवीय संबन्धों एवं उनके महत्व के प्रति निरन्तर सतर्क एवं सावधान बने रहना आवश्यक मानता है।´´
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