बुधवार, 14 जनवरी 2015

जीवन प्रबन्धन के आधार स्तम्भ-१६

किशोरावस्था में जीवन का प्रबंधनः


यद्यपि किशोरावस्था को आकड़ों में निर्धारित किया जाना असंभव सा प्रतीत होता है, फिर भी किशोरावस्था सामान्यतः 12 वर्ष से 16 वर्ष तक की उम्र को कहा जाता है। देश के कानून के अनुसार 18 वर्ष के व्यक्ति को वयस्क माना जाता है। इस प्रकार 12 से 18 वर्ष तक का समय अत्यन्त महत्वपूर्ण होता है। यह वह समय होता है जिसमें बचपन व युवावस्था दोनों की विशेषताएं होती है। इस अवस्था को आंधी व तूफानों की अवस्था कहा गया है। इस समय माता-पिता, परिवार व शिक्षक की महत्तवपूर्ण भूमिका होती है। 

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