बुधवार, 22 अप्रैल 2015

जश्न मनाते हुए अपनी अगली योजना में जुट जाइये ना

जश्न मनाने के अवसर: 


आप रात को यह तय करके सोते हैं कि आप प्रातःकाल जल्दी उठेंगे और अपने कार्य निपटायेंगे। आप प्रातःकाल बिना किसी अलार्म के और बिना किसी के उठाये स्वयं उठ जाते हैं तो आपको सफलता मिली ना। आज की सबसे पहली सफलता। अब यह तो आपके ऊपर निर्भर है कि आप सफलता को स्वीकार करके प्रसन्नता की अनुभूति करें। आनन्द का उपभोग करें या यह सोचकर कि आपको कितना काम करना पड़ता है कि आप चैन से सो भी नहीं सकते। यह विचार करके अपने आप के लिए तनाव का सृजन करें। अरे भाई! दिन की पहली सफलता पर प्रसन्न होकर जश्न मनाते हुए अपनी अगली योजना में जुट जाइये ना। आपकी पहली सफलता अगली सफलता की अभिप्रेरक बन कर आपको आगे बढ़ने में मदद करेगी।
           आप रेलवे रिजर्वेशन के लिए कतार में खड़े हैं और अन्ततः आपने आरक्षण करा ही लिया। आपको कन्फर्म टिकट मिल गई। आपने सफलता प्राप्त की है और आपको इस सफलता के लिए आनन्दित होना ही चाहिए। इसी प्रकार दिनभर आप अनेकों सफलताएँ प्राप्त करते हैं फिर आप प्रत्येक सफलता पर आनन्दित क्यों नहीं होते?
आपको बस से यात्रा करनी है। आपको लग रहा है कि आपको बिलंब हो गया है बस मिलना मुश्किल है। आप शीघ्रता से बस अड्डे की ओर प्रस्थान करते हैं। आपके पहुँचने से पूर्व ही बस चल चुकी थी किंतु दौड़कर आप बस को पकड़ ही लेते हैं। आपको सफलता मिली ना! यही नहीं आपको अनपेक्षित रूप से बस में सीट भी मिल गई और वो भी खिड़की वाली। अब और क्या बाकी है आपको सफलता की अनुभूति करने में। सफलता की अनुभूति करने में कंजूसी क्यों? आप अपने सहयात्री को एक मुस्कान देकर अपने आनंद में सम्मिलित कर सकते हैं। आप और किसी के साथ अपनी प्रसन्नता को बाँट न सकें तो मन ही मन प्रसन्न तो हो ही सकते हैं। अपने चेहरे पर मुस्कराहट तो आने दीजिए। फिलहाल आपको तीन-तीन उपलब्धियाँ एक साथ मिली है, उनके आनंद को भावी आशंकाओं से प्रभावित मत होने दीजिए। 

           आपकी पत्नी ने बड़े चाव से खाना बनाया है और खाना स्वादिष्ट व पौष्टिक दोंनों ही कसौटियों पर खरा उतरता है; आपकी पत्नी बधाई की पात्र हैं, उन्हें बधाई दीजिए और उन्हें उनकी सफलता पर आनन्द का अनुभव करने दीजिए हो सके तो कुछ क्षणों के लिए ही सही उनके साथ उनकी सफलता के आनन्द में स्वयं जुड़ जाइये। यह तात्कालिक सफलता व उसकी अनुभूति आपके दांपत्य जीवन को सफलता की ओर ही अग्रसर करेगी। अपने प्रयासों की सफलता ही तो जीवन की सफलता की ओर ले जाती है। ये छोटी-छोटी सफलताएँ ही आपके द्वारा किये जाने वाले प्रयासों को ओर ताकत देंगी। आपको अभिप्रेरणा प्राप्त होगी और आपको अविरल कर्मरत रहने की आदत पड़ जायेगी। दूसरे शब्दों में आपको सफल होते रहने की आदत पड़ जायेगी।


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