बुधवार, 18 मई 2016

उतना सुन्दर जीवन होगा

मित्रो! राष्ट्र-किंकर(०८ से १४ मई २०१६) के अंक में प्रकाशित डा. योगेन्द्रनाथ शर्मा 'अरुण' रुड़की की कविता जीवन का सुन्दर मार्ग बताती है, आपके लिये साभार प्रस्तुत है-

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