बुधवार, 23 सितंबर 2009

जीवन का लक्ष्य सिर्फ़ नौकरी करना क्यों?

जीवन का लक्ष्य सिर्फ़ नौकरी करना क्यों?


मैं अध्यापन व्यवसाय में हूँ। भाषा का अध्यापक होने के नाते विद्यार्थियों को "मेरे जीवन का लक्ष्य" विषय पर निबंध लिखवाता रहता हूँ। आज तक जितने भी निबंध मेरे सामने आए सभी किसी न किसी नौकरी से सम्बंधित रहे जैसे, डाक्टर बनाना, आई.ऐ.एस.अधिकारी बनाना, सेना में जाना आदि । किसी के भी निबंध में एक सफल नागरिक बनना , समाज के लिए उपयोगी हम स्वयम नहीं होता हम विद्यार्थियों को उनके कर्तव्य के प्रति जाग्रत नहीं कर पाते। वे अपने उत्तरदायित्वों को पूर्ण करने की क्षमता अर्जित पर अपना ध्यान केंद्रित क्यों नहीं कर पाते।

1 टिप्पणी:

सतीश सक्सेना ने कहा…

पहली बार आया हूँ , रुचिकर लगा ! शुभकामनायें